PM Kusum Yojana 2026: खेती में सिंचाई के लिए डीजल पंप का इस्तेमाल करने वाले किसानों के लिए ईंधन का खर्च लगातार एक बड़ी चिंता बना रहता है। वहीं कई ऐसे किसान भी हैं, जिनके खेत तक बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे किसानों के लिए सोलर पंप एक उपयोगी विकल्प हो सकता है।
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान यानी PM-KUSUM योजना के तहत किसानों को सोलर पंप और सौर ऊर्जा से जुड़ी सुविधाओं के लिए सरकारी सहायता दी जाती है। इस योजना में किसान सोलर पंप लगवा सकते हैं और कुछ मामलों में अपनी जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन से आय का रास्ता भी बना सकते हैं।
इस लेख में PM Kusum Yojana 2026 की सब्सिडी, पात्रता, जरूरी दस्तावेज, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, स्टेटस चेक करने का तरीका और अलग-अलग राज्यों में आवेदन से जुड़ी जानकारी आसान भाषा में समझाई गई है।
PM Kusum Yojana क्या है?
PM-KUSUM का पूरा नाम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान है। इस योजना को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय यानी MNRE द्वारा लागू किया जा रहा है।
योजना को वर्ष 2019 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना, सिंचाई के लिए डीजल और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना तथा किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत अलग-अलग जरूरतों के लिए तीन प्रमुख कंपोनेंट रखे गए हैं।
PM Kusum Yojana के तीन मुख्य Component
PM-KUSUM योजना को मुख्य रूप से Component A, Component B और Component C में बांटा गया है। किसान या संबंधित संस्था अपनी जरूरत के अनुसार लागू कंपोनेंट के तहत आवेदन कर सकती है।
Component A क्या है?
Component A के तहत विकेंद्रीकृत ग्राउंड या स्टिल्ट-माउंटेड सोलर पावर प्लांट लगाए जाते हैं।
इसमें किसान, किसान समूह, सहकारी समितियां, पंचायतें, FPO और कुछ अन्य पात्र संस्थाएं अपनी उपलब्ध जमीन पर सोलर प्लांट स्थापित कर सकती हैं।
इस कंपोनेंट में छोटे सोलर प्लांट के माध्यम से बिजली का उत्पादन किया जाता है और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बिजली डिस्कॉम को बेची जा सकती है।
Component B क्या है?
Component B मुख्य रूप से उन किसानों के लिए है जिन्हें सिंचाई के लिए स्टैंड-अलोन सोलर कृषि पंप की जरूरत है।
जहां ग्रिड बिजली उपलब्ध नहीं है या किसान डीजल पंप से सिंचाई कर रहा है, वहां यह कंपोनेंट उपयोगी हो सकता है।
व्यक्तिगत किसानों के लिए सामान्यतः 7.5 HP तक के सोलर पंप पर योजना के तहत सहायता का प्रावधान है। इससे अधिक क्षमता वाले पंप की अनुमति हो सकती है, लेकिन सब्सिडी की गणना निर्धारित सीमा के अनुसार की जा सकती है।
Component C क्या है?
Component C उन किसानों के लिए है जिनके पास पहले से बिजली कनेक्शन वाला कृषि पंप मौजूद है।
इसमें कृषि पंप को सौर ऊर्जा से चलाने के लिए सोलराइजेशन किया जाता है। अतिरिक्त सौर बिजली उपलब्ध होने पर निर्धारित नियमों के अनुसार उसे डिस्कॉम को बेचने का प्रावधान भी हो सकता है।
PM Kusum Yojana में कितनी सब्सिडी मिलती है?
Component B और C में केंद्र सरकार की ओर से सामान्य राज्यों में बेंचमार्क लागत या टेंडर लागत में से जो कम हो, उसका 30 प्रतिशत तक केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है।
राज्य सरकार की ओर से कम से कम 30 प्रतिशत सहायता का प्रावधान बताया गया है। शेष राशि किसान के हिस्से में आती है।
इस तरह सामान्य स्थिति में कुल सहायता लगभग 60 प्रतिशत या उससे अधिक हो सकती है। किसान के हिस्से की राशि में बैंक लोन की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों और कुछ पहाड़ी तथा विशेष श्रेणी वाले क्षेत्रों में केंद्रीय सहायता का हिस्सा अलग हो सकता है।
अंतिम सब्सिडी और किसान के हिस्से की वास्तविक राशि राज्य की नीति, पंप की क्षमता और लागू टेंडर रेट पर निर्भर करेगी।
PM Kusum Yojana में किसान को कितना पैसा देना होगा?
किसान को कितना पैसा देना होगा, यह एक निश्चित राशि नहीं है। यह पंप की क्षमता, राज्य के टेंडर रेट और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सहायता पर निर्भर करता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी राज्य में किसी पंप की निर्धारित लागत ₹3 लाख है और उस पर कुल 60 प्रतिशत सहायता मिलती है, तो ₹1.80 लाख तक सहायता हो सकती है और शेष ₹1.20 लाख किसान का हिस्सा हो सकता है।
यदि बैंक लोन की सुविधा उपलब्ध है, तो किसान को शुरुआत में अपने हिस्से की पूरी राशि एक साथ जमा करने की जरूरत नहीं पड़ सकती।
यह केवल समझाने के लिए उदाहरण है। वास्तविक राशि के लिए अपने राज्य की आधिकारिक एजेंसी द्वारा जारी लागत और सब्सिडी की जानकारी देखें।
PM Kusum Yojana की Price List कहां मिलेगी?
सोलर पंप की कीमत उसकी क्षमता और तकनीकी प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। AC या DC पंप, Surface या Submersible पंप और राज्य के टेंडर के अनुसार कीमत में अंतर हो सकता है।
इसलिए किसी एक सामान्य प्राइस लिस्ट को पूरे देश के लिए लागू नहीं माना जा सकता।
सरकारी रेट और उपलब्ध वेंडर की जानकारी के लिए PM-KUSUM के राष्ट्रीय पोर्टल और संबंधित राज्य की नोडल एजेंसी की वेबसाइट देखना बेहतर है।
किसी निजी वेबसाइट से मिली पुरानी PDF या प्राइस लिस्ट पर आवेदन से पहले भरोसा न करें।
PM Kusum Yojana की पात्रता
योजना की पात्रता संबंधित कंपोनेंट और राज्य के नियमों के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य रूप से निम्न प्रकार की पात्रता लागू हो सकती है:
आवेदक किसान होना चाहिए।
जमीन आवेदक के नाम होनी चाहिए या राज्य के नियमों के अनुसार मान्य लीज या समूह की व्यवस्था हो सकती है।
Component B के लिए खेत में ग्रिड बिजली कनेक्शन नहीं होना या डीजल पंप से सिंचाई की स्थिति लागू हो सकती है।
Component C के लिए पहले से कृषि बिजली कनेक्शन वाला पंप होना जरूरी हो सकता है।
Component A के लिए सोलर प्लांट लगाने के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध होना आवश्यक है।
सिंचाई के लिए आवश्यक जल स्रोत उपलब्ध होना चाहिए।
राज्य के अनुसार अतिरिक्त शर्तें भी लागू हो सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने राज्य की आधिकारिक गाइडलाइन जरूर देखें।
PM Kusum Yojana के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय दस्तावेजों की सटीक सूची राज्य और कंपोनेंट के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर निम्न दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:
आधार कार्ड
आधार से लिंक मोबाइल नंबर
जमीन से संबंधित दस्तावेज
खसरा या खतौनी
जमाबंदी या राज्य में लागू अन्य भूमि रिकॉर्ड
बैंक पासबुक या बैंक खाते की जानकारी
पासपोर्ट साइज फोटो
सिंचाई स्रोत से संबंधित जानकारी
जाति प्रमाण पत्र, यदि राज्य में विशेष श्रेणी के लिए लागू हो
फॉर्म भरने से पहले राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों की सूची से मिलान जरूर कर लें।
PM Kusum Yojana Online Registration कैसे करें?
PM-KUSUM के लिए पूरे देश में एक ही आवेदन फॉर्म नहीं है। राष्ट्रीय पोर्टल पर योजना से संबंधित जानकारी उपलब्ध होती है, जबकि आवेदन संबंधित राज्य की नोडल एजेंसी या विभाग के माध्यम से किया जाता है।
ऑनलाइन आवेदन की सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार हो सकती है:
सबसे पहले PM-KUSUM के राष्ट्रीय पोर्टल पर योजना से संबंधित जानकारी देखें।
अपने राज्य की संबंधित नोडल एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
अपने राज्य में उपलब्ध PM-KUSUM या सोलर पंप आवेदन विकल्प को खोलें।
किसान पंजीकरण या संबंधित कंपोनेंट का विकल्प चुनें।
आधार और मोबाइल नंबर से मांगी गई जानकारी पूरी करें।
अपना नाम, पता, जमीन का विवरण और बैंक खाते की जानकारी भरें।
पंप की क्षमता और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करें।
आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
आवेदन फॉर्म जमा करने के बाद acknowledgement या आवेदन रसीद सुरक्षित रखें।
आगे की प्रक्रिया राज्य की व्यवस्था के अनुसार पूरी करें।
कुछ राज्यों में आवेदन ऑनलाइन के साथ-साथ जिला स्तर के कृषि या संबंधित विभाग के कार्यालय के माध्यम से भी लिया जा सकता है।
PM Kusum Yojana का Status कैसे Check करें?
यदि आपने अपने राज्य के पोर्टल के माध्यम से PM-KUSUM के लिए आवेदन किया है, तो आवेदन की स्थिति उसी पोर्टल पर देखी जा सकती है।
इसके लिए सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:
अपने राज्य के PM-KUSUM पोर्टल पर जाएं।
Application Status या Track Status विकल्प खोजें।
अपना आवेदन नंबर दर्ज करें।
आवश्यक होने पर मोबाइल नंबर या अन्य मांगी गई जानकारी भरें।
Submit करने के बाद आवेदन की वर्तमान स्थिति स्क्रीन पर दिखाई जा सकती है।
यदि आवेदन की जानकारी ऑनलाइन दिखाई नहीं दे रही है, तो संबंधित जिला कार्यालय या राज्य की नोडल एजेंसी से संपर्क किया जा सकता है।
PM Kusum Yojana की Official Website
PM-KUSUM योजना से संबंधित राष्ट्रीय स्तर की जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल उपलब्ध है।
National Portal: pmkusum.mnre.gov.in
योजना से संबंधित मंत्रालय: mnre.gov.in
शिकायत दर्ज करने के लिए: pgportal.gov.in
Helpline: 1800-180-3333
राज्य स्तर पर आवेदन के लिए अपने राज्य की संबंधित नोडल एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें।
PM Kusum Yojana की राज्यवार जानकारी
PM-KUSUM में आवेदन की प्रक्रिया और उपलब्ध अवसर राज्य के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए अपने राज्य की आधिकारिक एजेंसी की सूचना देखना जरूरी है।
राजस्थान में PM Kusum Yojana
राजस्थान में योजना से संबंधित आवेदन और जानकारी राज्य के संबंधित कृषि या उद्यान विभाग तथा अन्य नोडल एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध हो सकती है।
राज्य में आवेदन की तारीख और उपलब्ध पंप की जानकारी के लिए संबंधित विभाग की नवीनतम सूचना देखें।
उत्तर प्रदेश में PM Kusum Yojana
उत्तर प्रदेश में PM-KUSUM से संबंधित कार्यों के लिए UPNEDA और कृषि विभाग से संबंधित जानकारी देखी जा सकती है।
आवेदन शुरू होने की तारीख और उपलब्ध लक्ष्य के लिए राज्य की आधिकारिक सूचना और जिला कृषि कार्यालय की जानकारी पर ध्यान दें।
मध्य प्रदेश में PM Kusum Yojana
मध्य प्रदेश में सोलर पंप और PM-KUSUM से संबंधित जानकारी राज्य की संबंधित ऊर्जा विकास एजेंसी और सरकारी पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध हो सकती है।
आवेदन से पहले वर्तमान पंजीकरण प्रक्रिया और पात्रता की पुष्टि करें।
हरियाणा में PM Kusum Yojana
हरियाणा में PM-KUSUM से संबंधित आवेदन के लिए HAREDA और राज्य के संबंधित ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी देखी जा सकती है।
राज्य में मिलने वाली अतिरिक्त सहायता और किसान के हिस्से की राशि अलग हो सकती है।
बिहार में PM Kusum Yojana
बिहार में PM-KUSUM से संबंधित जानकारी BREDA और कृषि विभाग के माध्यम से मिल सकती है।
आवेदन की प्रक्रिया और तारीख राज्य सरकार द्वारा जारी सूचना के अनुसार देखनी चाहिए।
झारखंड में PM Kusum Yojana
झारखंड में PM-KUSUM से संबंधित जानकारी JREDA के माध्यम से उपलब्ध हो सकती है।
राज्य के पोर्टल और नवीनतम सरकारी सूचना के आधार पर आवेदन की प्रक्रिया और उपलब्ध कंपोनेंट की जानकारी प्राप्त करें।
महाराष्ट्र में PM Kusum Yojana
महाराष्ट्र में महाऊर्जा यानी MEDA से संबंधित सौर कृषि पंप योजनाओं की जानकारी उपलब्ध हो सकती है।
राज्य की योजना और PM-KUSUM के तहत उपलब्ध सहायता को समझने के लिए महाऊर्जा की आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है।
गुजरात में PM Kusum Yojana
गुजरात में सोलर ऊर्जा से संबंधित योजनाओं के लिए GEDA की जानकारी देखी जा सकती है।
आवेदन की उपलब्धता और अंतिम तारीख राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर जारी सूचना के अनुसार तय होती है।
कर्नाटक में PM Kusum Yojana
कर्नाटक में PM-KUSUM से संबंधित आवेदन राज्य की संबंधित ऊर्जा या नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी के माध्यम से हो सकता है।
यहां आवेदन की अंतिम तारीख राष्ट्रीय स्तर पर एक जैसी नहीं होती, इसलिए राज्य की नवीनतम सूचना देखना जरूरी है।
PM Kusum Yojana की कोई एक Last Date है क्या?
PM-KUSUM के लिए पूरे देश में किसानों के आवेदन की कोई एक सामान्य अंतिम तारीख नहीं होती।
अलग-अलग राज्य अपनी जरूरत और लक्ष्य के अनुसार आवेदन की अवधि निर्धारित कर सकते हैं। इसलिए राजस्थान, हरियाणा, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश या किसी अन्य राज्य के किसान को अपने राज्य की नोडल एजेंसी की घोषणा देखनी चाहिए।
योजना की परियोजना समय-सीमा और किसी राज्य में आवेदन की अंतिम तारीख को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।
PM Kusum Yojana 2026 में कब तक चलेगी?
Source में दी गई जानकारी के अनुसार योजना की मूल अवधि 31 मार्च 2026 तक थी। कुछ चल रही परियोजनाओं के लिए पूरा होने की समय-सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ाई गई है।
Component A और C से संबंधित वित्तीय समय-सीमा में भी बदलाव का उल्लेख किया गया है। हालांकि किसानों के व्यक्तिगत सोलर पंप आवेदन के लिए राज्य की अपनी आवेदन विंडो हो सकती है।
इसलिए 2026 में आवेदन करने वाले किसान को अपने राज्य की नवीनतम आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए।
PM Kusum Yojana के फायदे
PM-KUSUM योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना है। इसके संभावित फायदे इस प्रकार हैं:
सिंचाई में डीजल पर निर्भरता कम हो सकती है।
सोलर पंप के माध्यम से सिंचाई की सुविधा मिल सकती है।
सरकारी सहायता के कारण सोलर पंप की लागत का एक हिस्सा कम हो सकता है।
कुछ परिस्थितियों में बैंक लोन की सुविधा उपलब्ध हो सकती है।
Component A और C के तहत अतिरिक्त सौर बिजली से आय का अवसर हो सकता है।
खाली या अनुपयोगी जमीन के उपयोग का विकल्प मिल सकता है।
कृषि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है।
PM Kusum Yojana में आवेदन करते समय सावधानियां
आवेदन करने से पहले यह जरूर देखें कि आपके लिए कौन सा कंपोनेंट लागू है।
आधार में दर्ज नाम और जमीन के दस्तावेजों में नाम की जानकारी मिलाएं।
आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी सही रखें।
केवल संबंधित सरकारी पोर्टल से आवेदन करें।
किसी अनजान एजेंट को बिना आधिकारिक रसीद के पैसे न दें।
सोलर पंप के लिए अधिकृत या सूचीबद्ध वेंडर की जानकारी जांचें।
आवेदन की acknowledgement और payment receipt सुरक्षित रखें।
Google पर मिलने वाली किसी भी वेबसाइट को सरकारी वेबसाइट मानकर अपनी जानकारी दर्ज न करें।
PM Kusum Yojana और PM Surya Ghar Yojana में अंतर
PM-KUSUM और PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana को एक ही योजना नहीं समझना चाहिए।
PM-KUSUM मुख्य रूप से किसानों और कृषि क्षेत्र में सोलर पंप, कृषि पंप के सोलराइजेशन और सौर ऊर्जा उत्पादन से संबंधित है।
वहीं PM Surya Ghar योजना घरेलू उपभोक्ताओं के घरों की छत पर रूफटॉप सोलर लगाने से संबंधित है।
PM-KUSUM का राष्ट्रीय पोर्टल pmkusum.mnre.gov.in है, जबकि PM Surya Ghar के लिए pmsuryaghar.gov.in पोर्टल है।
क्या PM Kusum Yojana में किसानों को Pension मिलती है?
नहीं। PM-KUSUM योजना किसानों को पेंशन देने वाली योजना नहीं है।
इस योजना का संबंध सोलर पंप और सौर ऊर्जा से है।
किसानों की पेंशन से जुड़ी अलग योजना प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना है। दोनों योजनाओं को एक-दूसरे से अलग समझना चाहिए।
PM Kusum Yojana में सोलर पंप की अधिकतम क्षमता कितनी है?
व्यक्तिगत किसानों के लिए सामान्य तौर पर 7.5 HP तक के सोलर पंप पर योजना के तहत सहायता का प्रावधान बताया गया है।
यदि इससे अधिक क्षमता के पंप की अनुमति राज्य के नियमों के अनुसार है, तो सब्सिडी की गणना 7.5 HP की निर्धारित सीमा के अनुसार की जा सकती है।
अंतिम नियम के लिए अपने राज्य की योजना संबंधी गाइडलाइन जरूर देखें।
PM Kusum Yojana का Helpline Number
योजना से संबंधित केंद्रीय स्तर की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-180-3333 दिया गया है।
यदि किसी राज्य के आवेदन या स्टेटस से संबंधित समस्या है, तो संबंधित राज्य की नोडल एजेंसी या जिला कार्यालय से संपर्क करना अधिक उपयोगी हो सकता है।
PM Kusum Yojana FAQ
PM Kusum Yojana क्या है?
यह MNRE की योजना है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना और किसानों को सोलर पंप तथा सौर ऊर्जा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
PM Kusum Yojana में कितनी सब्सिडी मिलती है?
Component B और C में सामान्य राज्यों के लिए केंद्र की ओर से 30 प्रतिशत और राज्य की ओर से कम से कम 30 प्रतिशत सहायता का प्रावधान बताया गया है। वास्तविक सहायता राज्य और लागू लागत के अनुसार अलग हो सकती है।
PM Kusum Yojana में आवेदन कहां होता है?
आवेदन संबंधित राज्य की नोडल एजेंसी या विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर होता है। राष्ट्रीय स्तर पर योजना की जानकारी pmkusum.mnre.gov.in पर उपलब्ध है।
PM Kusum Yojana की Official Website कौन सी है?
योजना का राष्ट्रीय पोर्टल pmkusum.mnre.gov.in है।
PM Kusum Yojana का Status कैसे देखें?
जिस राज्य के पोर्टल से आवेदन किया गया है, उसी पोर्टल पर Application Status या Track Status विकल्प के माध्यम से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।
क्या PM Kusum Yojana में Pension मिलती है?
नहीं। PM-KUSUM सोलर पंप और सौर ऊर्जा से संबंधित योजना है। किसानों की पेंशन के लिए अलग योजनाएं हैं।
क्या PM Kusum Yojana की पूरे भारत में एक Last Date है?
नहीं। किसानों के आवेदन की तारीख राज्य की आवेदन विंडो के अनुसार अलग हो सकती है।
निष्कर्ष
PM Kusum Yojana किसानों के लिए सौर ऊर्जा और सोलर सिंचाई को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण सरकारी योजना है। इसमें अलग-अलग जरूरतों के लिए Component A, B और C की व्यवस्था की गई है।
यदि आप सोलर पंप के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह पता करें कि आपके लिए कौन सा कंपोनेंट लागू होता है। इसके बाद अपने राज्य की संबंधित नोडल एजेंसी के आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन की उपलब्धता, पात्रता, दस्तावेज, सब्सिडी और अंतिम तारीख की जानकारी जांचें।
किसी भी व्यक्ति या निजी वेबसाइट को आवेदन के नाम पर भुगतान करने से पहले उसकी जानकारी और आधिकारिकता की पुष्टि जरूर करें। सरकारी योजना से जुड़ी अंतिम और मान्य जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट को ही प्राथमिकता दें।

